2020 के बाद अमेरिका को कौन चलाएगा ?
अमेरिका तो अपना राष्ट्रपति तक अपनी पसंद से नहीं चुन सकता है !
पुतिन साहब चाहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनें। लेकिन ट्रंप से बैर पाल रखे चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग बिडेन के लिए बैटिंग कर रहे हैं।
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| US PRESIDENT ELECTION 2020 |
अमेरिका
को बड़ा गुमान है कि वो दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति है। लोग कहते हैं कि पृथ्वी
पर पत्ता भी बिना अमेरिका की मर्जी के नहीं हिलता। अब अमेरिका चौधरी बना फिरता है
तो वहां की जनता का इतराना स्वाभाविक है। लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप बनाम
बिडेन की टक्कर ने अमेरिका के सुपर पावर होने का भ्रम तोड़ दिया है। विश्व को पहली
बार ये बात पता चली है कि अमेरिका तो अपना राष्ट्रपति तक
अपनी पसंद से नहीं चुन सकता है। मतलब समझ रहे हैं, डोनाल्ड ट्रंप और बिडेन
चाहे जितना जोर लगा लें लेकिन उनकी डोर किसी और के हाथ में है। अमेरिका में ऊंट
किस करवट बैठेगा इसका फैसला उसके दो सबसे बड़े जानी दुश्मन करेंगे।
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| Photo Source-USA Today |
अमेरिका
के एक खुफिया अधिकारी ने इस बात का खुलासा किया है। रूस की सरकार मतलब अपने पुतिन
साहब चाहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनें। लेकिन ट्रंप
से बैर पाल रखे चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग बिडेन के लिए बैटिंग कर रहे हैं। क्रेमलिन से जुड़े लोग ट्रंप को एक बार फिर चुनाव जीतने
देखना चाहते हैं और डेमोक्रेटिक जो बिडेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं तो
चीन नहीं चाहता है कि ट्रंप दोबारा व्हाइट हाउस में पहुंचें। मतलब अमेरिकी राष्ट्रपति कौन बने
इसे लेकर दो कम्युनिस्ट देशों में ठन गई है। अमेरिकियों से कोई पूछ ही नहीं रहा है
कि भाई तुम्हारी पसंद क्या है।
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| Russian President Putin |
करीब
दो महीने बाद अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होंगे जिसपर पूरी दुनिया की नजर है। कमला
हैरिस के उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के बाद भारतीयों की दिलचस्पी भी अचानक से
बढ़ गई है। भारतीय मूल के अमेरिकी मतदाताओं को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही
अपने पाले में लाने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अमेरिकी प्रेसिडेंट कौन
बने इसके लिए रूस और चीन में पासे चले जा रहे हैं और यही बात भारतीय राजनीतिक
बिरादरी का अखर रही है। इंडिया में चुनाव आते ही बूथ मैनेजमेंट, सेटिंग-गेटिंग और
एडजस्टमेंट की चर्चा आम हो जाती है। भारतीयों के पास इसमें बड़ी महारत है लेकिन
खुफिया सूत्र भारतीयों के अनुभव को भाव ही नहीं दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि ये
मामला वर्ल्ड के सबसे ताकतवर शख्स के चुनाव का है तो मैनेजमेंट और एडजस्टमेंट भी
ग्लोबल होगा... अब बड़ा सवाल ये है कि जीतता
कौन है? ट्रंप जीतते हैं कि बिडेन या फिर अमेरिका की
जनता या पुतिन और जिनपिंग। आखिर 2020 के बाद अमेरिका को कौन चलाएगा ?


