कुछ तो गड़बड़ है
मॉनसून...मॉनसून...मॉनसून
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| Monsoon Rain Delhi |
अब तो बरसो बदरा
आसमान में अठखेलियां करते
बादल और मोतियों सी बरसती बारिश की बूंदें भला किसे अच्छी नहीं लगती हैं। दिल को
सुकून सा मिलता है। लेकिन दिल वालों की दिल्ली के लिए इस सुकून का इंतजार थोड़ा
लंबा खिंचता जा रहा है। जैसे ही मौसम विभाग ने ये ऐलान किया कि इस बार मॉनसून
दिल्ली को तय तारीख से पहले भिगोने पहुंच गया है, दिल्ली छतरी खोलकर और रेनकोट निकालकर
बैठ गई। प्री मॉनसून बारिश का ट्रेलर इतना अच्छा था कि लोगों को पक्का भरोसा हो
गया था कि मॉनसून की पूरी पिक्चर सुपरहिट होगी।
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| Delhi Weather |
वैसे भी जब से कोरोना काल शुरू हुआ
है, दिल्ली में कुछ अच्छा तो हो नहीं रहा है। ऐसे में हर कोई अपने-अपने तरीके से मॉनसून
को वेलकम करने के लिए तैयार था। कोरोना काल में ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर
रहे हैं तो पकौड़ियों के लिए बेसन और प्याज का स्टॉक भी जमा हो गया। टीवी चैनलों
से लेकर अखबार की हेडलाइंस में आ गया कि मॉनसून दिल्ली पहुंच गया है।
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| Clouds |
गर्मागर्म पकौड़ियों की
प्लेट हाथ में पकड़कर और गर्म चाय की प्याली लेकर पहला दिन बादलों के बरसने के
इंतजार में पूरा बीत गया लेकिन बादलों ने मानो दिल्ली को चिढ़ाने की कसम खा रखी
थी। बादल बस ऊपर से दिल्ली को निहारते रहे। लगा कि दूसरे दिन तो बादल पक्का
बरसेंगे, लेकिन बादलों ने दूसरे दिन भी धोखा दे दिया। इसी बीच दिल्ली वालों को
जलाने के लिए ये खबर भी आ गई कि बरखा बहार ने पूरे देश को अपने आगोश में ले लिया
है। पूरे देश पर मॉनसून के बादल छा गए हैं। कहते हैं ना कि हवाओं पर किसी का बस
नहीं चलता। भले ही दिल्ली से पूरे देश पर राज किया जाता है, भले ही दिल्ली सत्ता
का केंद्र है, फिर भी बादलों की ये गुस्ताखी... कुछ तो गड़बड़ है!!!


